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आईटी– आईटीईएस उद्योग द्वारा निर्यात की दिशा में प्रदर्शन एवं योगदान

 

राजस्व

 

जैसा कि चित्र 1 में दिखाया गया है, वित्त वर्ष 2012-13 में भारतीय आईटी–आईटीईएस उद्योग के राजस्व 95.2 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में वित्त वर्ष 2013-14 में 10.3% की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए इसके 105 अरब अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है। पिछले पांच वर्षों में इस क्षेत्र के समग्र उद्योग की वृद्धि नीचे दी गई तालिका में दर्शाई गई है।

आईटी–आईटीईएस उद्योग के राज्सव की प्रवृत्ति (अरब अमेरिकी डॉलर में)

वर्ष/विवरण

2009-10

2010-11

2011-12

2012-13

2013-14 (ई)

सीएजीआर%

(2009-14)

निर्यात

49.7

59.0

68.8

76.1

86.0

12.80

घरेलू

14.3

17.3

19.0

19.2

19.0

8.22

कुल

64.0

76.3

87.8

95.2

105.0

11.88

स्रोतः नैसकॉम, ईः अनुमानित

 

                                         चित्रः 1

निर्यात

 

जैसा कि चित्र 2 में दिखाया गया है, वित्त वर्ष 2013-14 में आईटी– आईटीईएस निर्यात का वित्त वर्ष 2012-13 की तुलना में 13.1% की वृद्धि के साथ और आईटी–आईटीईएस के कुल राजस्व (हार्डवेयर को छोड़कर) में करीब 82% के योगदान के साथ इसके 86 अरब अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है। SMAC ( सामाजिक मीडिया, गतिशीलता, एनालिटिक्स और क्लाउड), कृत्रिम बुद्धि (आर्टिफिशल इंटेलिजेंस), एम्बेडेड सिस्टम आदि जैसे विघटनकारी प्रौद्योगिकियों का समाधान इस उद्योग का जीवन– शक्ति बन गया है।

आईटी सेवाओं के निर्यात (बीपीओ, इंजीनियरिंग, आरएंडडी और सॉफ्टवेयर उत्पादों को छोड़कर) का वित्त वर्ष 2013-14 में, सालाना 14% से अधिक वृद्धि के साथ, सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र होने की उम्मीद है। यह 52 अरब का निर्यात का सृजन करेगा, जो कि सहयोग, संचार, बिजनेस इंटेलिजेंस परियोजनाओं और परंपरागत सेवाओं के साथ SMAC सेवाओं के एकीकरण से संभव होगा। वित्त वर्ष 2013-14 के दौरान, आईटीईएस/ बीपीओ निर्यात के वित्त वर्ष 2012–13 के मुकाबले 11.4% की विकास दर के साथ 20 अरब अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है। इसमें 41% के साथ ग्राहक संपर्क सेवाओं (सीआईएस) की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है, इसके बाद वित्त और लेखा (एफएंडए) – 23% और ज्ञान सेवाएं (केएस)– 19% आते हैं। बीपीओ सेग्मेंट के भीतर, ज्ञान सेवाएं सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेग्मेंट है और सालाना 15% से अधिक की बढ़ोतरी के साथ अनुमान है कि यह 3.2 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में 3.7 अरब अमेरिकी डॉलर निर्यात पैदा करेगा। वित्त वर्ष 2012–13 के मुकाबले सॉफ्टवेयर उत्पादों और ईआर एंड डी खंड ने करीब 11% की दो अंकों में विकास दर हासिल की है और वित्त वर्ष 2013–14 में इसके 14.2 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात का अनुमान है। ईआरएंड डी एवं सॉफ्टवेयर उत्पादों के विकास में अभिसरण, अनुकूलन, क्षमता और स्थानीयकरण, M2M प्रौद्योगिकी और SMAC के आसपास नई प्रौद्योगिकियों जैसे डोमेन विशिष्ट समाधान पर फोकस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 3,000 से भी अधिक कंपनियों के साथ भारत SMAC और सफलता के कीर्तिमान बनाने वाली सहायक पारिस्थितिकी तंत्र के साथ सॉफ्टवेयर उत्पादों के लिए एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है।

 

आईटी– आईटीईएस उद्योग में खंडवार निर्यात राजस्व रूझान (अरब अमेरिकी डॉलर में)

वर्ष/ विवरण

2009-10

2010-11

2011-12

2012-13

2013-14 (ई)

सीएजीआर%

(2009-14)

आईटी सेवा

27.3

33.5

39.9

45.4

51.9

15.0

आईटीईएस– बीपीओ

12.4

14.2

15.9

17.9

19.9

11.21

सॉफ्टवेयर उत्पाद, इंजीनियरिंग सेवाएं,

आर एंड डी

10.0

11.4

13.0

12.8

14.2

8.14

कुल आईटी– आईटीईएस

49.7

59.0

68.8

76.1

86.0

12.8

स्रोतः नैसकॉम, ईः अनुमानित

                                                                                चित्रः 2

चित्र 3 के अनुसार, आईटी सेवा निर्यात की हिस्सेदारी 60.3% के साथ सबसे बड़ी है; बीपीओ निर्यात 23.2% का योगदान करता है जिसके बाद ईआरएंड डी और सॉफ्टवेयर उत्पादों का स्थान है जो मिलकर 16.5% का योगदान करते हैं।

 

आईटी– बीपीओ राजस्व हिस्सेदारी (वर्ष 2013–14)
ग्राफ कैप्शनः चित्र 3

 

घरेलू बाजार

 

जैसा कि चित्र 4 में दिखाया गया है, घरेलू आईटी– आईटीईएस राजस्व (हार्डवेयर को छोड़कर) का अनुमान वित्त वर्ष 2012–13 के 1041 अरब रुपयों के अनुमान की तुलना में सालाना ~10% की विकास दर के साथ वित्त वर्ष 2013–14 में 1147 अरब रुपये तक पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2013–14 के दौरान घरेलू आईटी सेवाओं के विकास का 9.7% रहने का अनुमान है क्योंकि बड़े उद्यम खर्च का सतर्क पैटर्न दर्शा रहे हैं; जो कि बीएफएसआई, दूरसंचार और राज्य सरकारों और एमआईएस निवेशों के अनुपालन में में प्रौद्योगिकी उन्नयन द्वारा संचालित है। वित्त वर्ष 2013–14 में घरेलू बीपीओ सेवाओं में करीब 12% के विकास दर का अनुमान है जो कि विशेष तौर से बीएफएसआई, ऑटोमोटिव और खुदरा क्षेत्रों में चुनिंदा ग्राहकों के आउटसोर्सिंग व्यवसाय प्रक्रियाओं की ओर लौटने की मांग द्वारा संचालित है। खुदरा क्षेत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा, विनिर्माण (वर्टिकल– विशेष) और SMAC (सोशल मीडिया, गतिशीलता, एनालिटिक्स और क्लाउड) आधारित समाधानों की मांग में बढ़ोतरी के कारण घरेलू सॉफ्टवेयर उत्पादनों का 9.5%  होने का अनुमान है। क्लाउड के आने के साथ भारत के 470 लाख (47 मिलियन) एसएमबी के लिए एक अवसर है, जो प्रौद्योगिकी अपनाने की खाई को तेजी से पाटने में सक्षम हैं।

 

आईटी– आईटीईएस उद्योग में खंडवाक घरेलू राजस्व रूझान (करोड़ रूपये में )

वर्ष/ विवरण

2009-10

2010-11

2011-12

2012-13

2013-14 (ई)

सीएजीआर%

(2009-14)

आईटी सेवा

42901

50068

58908

66300

72722

14.01

आईटीईएस– बीपीओ

10898

12699

14849

17500

19594

17.18

सॉफ्टवेयर उत्पाद, इंजीनियरिंग सेवाएं,

आर एंड डी

14001

15902

18010

20500

22469

12.72

कुल आईटी– आईटीईएस

67800

78670

91766

104700

114784

14.25

स्रोतः नैसकॉम, ईः अनुमानित