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भारत सरकार Ministry of Electronics & Information Technology
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इलेक्‍ट्रॉनिकी संघटक और सामग्री विकास प्रभाग की परियोजनाएं

प्रमुख जारी परियोजनाएं

नैनो –पीजेडटी  सामग्री और पीजो-सेरेमिक  संघटकों का विकास और प्रायोगिक उत्‍पादन

  • GHZ और सब-THz रेंज में ट्यूनेबल चुंबकीय गुणधर्मों के साथ नई नैनो मैगनेटिक सामग्री का विकास और नैनो लिथोग्राफी और थिन फिल्‍म डिपोजीशन तकनीक का इस्‍तेमाल करते हुए मैग्‍नोनिक क्रिस्‍टल फैब्रिकेट करना। नोबेल ब्रॉडबैंड फेरो मैगनेटिक रेजोनेंस और टाइम-रिजोल्‍वड मैग्‍नेटो-ऑप्टिकल केर इफेक्‍ट तकनीक का इस्‍तेमाल करते हुए उच्‍च आवृत्ति मैगनोनिक बैंड की गुणधर्म निर्धारण के अलावा बैंड अंतराल की खोज करना।

पॉलीमर आधारित सेंसर

  • कोलेस्‍टेराइल मेथाक्राइलेट(पीसीएचएमएएस) और एन-हेक्‍जेन (पीसीएचएमएएसएच) के साथ कोलेस्‍टराइल मेथाक्राइलेट के को पॉली सल्‍फोन के इर्द-गिर्द तैयार पॉलीमर आधारित सेंसरों का विकास । दक्षता बढ़ाने के लिए को-पॉलीमर की दूसरी लेयर पॉली-2-विनाइल पीरिडीन और एक्रीलोनिट्राइल (P-2VP-co-AN) अथवा पॉलीविनाइल अल्‍कोहल(PVA-g-AN) पर एक्रिलोनिट्राइल के ग्राफ्ट पॉलीमर के साथ तैयार की जाएगी।   

आर्गेनिक फिल्‍म ट्राजिस्‍टर्स

  • पॉलीमर पर आधारित ऑर्गेनिक फिल्‍म ट्रांजिस्‍टर, कठोर के साथ-साथ लचीले सब स्‍ट्रेट जैसे पॉलीमर फिल्‍म, मैटल कॉयल अथवा शीटों पर  छोटी आणविक और हाइब्रिड (कार्बनिक/अकार्बनिक) प्रणालियों का विकास।

फोटोकंडक्टिंग पेस्‍ट (सेमीकंडक्‍टर सूक्ष्‍म संरचनाओं का इस्तेमाल करते हुए)

  • उन्‍नत ऑप्‍टोइलेक्‍ट्रॉनिक अनुप्रयोगों के लिए फोटो पैटर्नेबल थिक फिल्‍म प्रौद्योगिकी में संभावनाओं का पता लगाने के लिए फोटो कं‍डक्टिंग पेस्‍ट (सेमी कंडक्‍टर सूक्ष्‍म संरचनाओं का इस्‍तेमाल करते हुए) का इन-हाउस विकास।

इलेक्‍ट्रोमैगनेटिक इंटरफेरेंस शील्डिंग अनुप्रयोग

  • एमडब्‍ल्‍यूसीएनटी फील्‍ड पॉली कार्बोनेट/पॉली प्रोपिलीन डबल पर्कोलेटिंग पॉलीमर ब्‍लैंड नैनो कंपोजिट का विकास। कार्बन नैनो ट्यूब (सीएनटी) के रासायनिक गुणधर्मों का निर्धारण।

सरकारी स्‍वामित्‍व वाली आरओएचएस परीक्षण प्रयोगशालाओं का स्‍थायित्‍व और उन्‍नयन 

  • खतरनाक सामग्री के लिए प्रतिवर्ष लगभग 960 नमूनों का विश्‍लेषण करने के लिए रसायनों और खपत योग्‍य सामग्री के इस्‍तेमाल को अनुकूल बनाने और जनशक्ति को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ विश्‍लेषणात्‍मक सुविधा और प्रक्रियाओं का विकास। इसके परिणामस्‍वरूप परियोजना अवधि पूर्ण होने के पश्‍चात प्रतिवर्ष लगभग 48-50 लाख रूपए का राजस्‍व सृजित होने की भी संभावना है।

आरओएचएस जांच प्रयोगशाला

रेलवे कैटेनरी –पैंटोग्राफ ढांचे की स्थिति की निगरानी के लिए एफबीजी सेंसर

  • पैंटोग्राफ/कैटेनरी संपर्क के कारण उत्‍पन्‍न होने वाले संपर्क बल के मापन हेतु ऑप्टिमल सेंसर लोकेशन, सेसिटिविटी आदि का समाधान खोजने और पेंटोग्राफ/ केटेनरी संपर्क का विस्‍तृत अध्‍ययन और फाइनाइट एलिमेंट (एफई) विश्‍लेषण। इस अनुप्रयोग में इस्‍तेमाल के लिए एफबीजी स्‍ट्रेन और तापक्रम सेंसर की रक्षा, एनकैप्‍सुलेटिंग और विकास के लिए कार्य प्रणाली का डिजाइन और विकास। अनुप्रयोग विशेष पर आधारित एफबीजी सिग्‍नल प्रोसेसिंग यूनिट का विकास।

चिकित्‍सा अनुप्रयोग के लिए 2 μm रिजन में थुलियम डोप्‍ड ‘अल-फाइबर’ एमओपीए

  • सतत तरंगों के साथ-साथ कंपन युक्‍त व्‍यवस्‍था में उच्‍च विद्युत स्‍तर को मॉडरेट करने के साथ 2 माइक्रोन क्षेत्र में स्‍थायी लेजर का डिजाइन और विकास।

क्‍वांटम डॉट पर आधारित सोलर सेल और ऑर्गेनिक सेमी कंडक्‍टर

  • फोटोवोल्‍टेक उपकरणों के शेल में महत्‍वपूर्ण और ऑर्गेनिक मॉलीक्‍यूल में इनऑर्गेनिक सेमीकंडक्‍टर के साथ हाइब्रिड कोर-शेल सूक्ष्‍म कणों का प्रदर्शन और एक जंक्‍शन के साथ सेमीकंडक्‍टर सूक्ष्‍म संरचनाओं पर आधारित फोटोवोल्‍टेक सोलर सेल का फैब्रीकेशन।

केमिकल बाथ डिजोजीशन  (सीबीडी) तकनीक पर आधारित सोलर सेल का फैब्रीकेशन

  • सेालर सेल में अनुप्रयोग के लिए पॉलीमर–PbS और पॉलीमर- CdS सूक्ष्‍मकणों का संश्‍लेषण। सीबीडी तकनीक पर आधारित II-VI एकल-जंक्‍शन और बहु-जंक्‍शन सोलर शेल का फैब्रीकेशन, उनकी तुलना, सोलर सेल के मानदंडों का मापन।

प्राकृतिक रूप से प्रेरित कम लागत वाली आर्गेनिक सामग्री और उनके नैनो-कंपोजिट आधारित फोटो वोल्‍टेक सोलर शेल

  • कम लागत वाली आर्गेनिक सामग्री और इनके नैनो कंपोजिट आधारित फोटो वोल्‍टेक सोलर शेल का विकास।

पॉलीमर नैनो-कंपोजिट आधारित फोटोवोल्‍टेक उपकरणों का विकास

  • उन्‍नत दक्षता के साथ सक्रिय सामग्री के रूप में पॉलीमर नैनो कंपोजिट का इस्‍तेमाल कर सोलर सेल का फैब्रीकेशन।

लाइट बीम का हाई स्पिड मॉडल वेबफ्रंट सेंसर

  • फास्‍ट ऑप्टिकल वेबफ्रंट सेंसर का डिजाइन और विकास, जो वेब फ्रंट डिस्‍टॉर्शन का मापन करने के लिए फ्री स्‍पेस कम्‍युनिकेशन सिस्‍टम में वास्‍तविक समय आधार पर अनुप्रयुक्‍त किसी लेजर बीम में वेब फ्रंट त्रुटियों का मापन कर सकता है।  उच्‍चतर स्‍थानिक रिजोल्‍यूशन†के साथ “A जोनल वेबफ्रंट सेंसिंग उपकरण और उन्‍नत परिशुद्धता†के साथ “A जोनल वेबफ्रंट सेंसिंग उपकरणों पर दो पेटेंट डीईआईटीवाई द्वारा प्रक्रिया हेतु प्रस्‍तुत किए गए हैं।

क्‍वांटम डॉट आधारित फोटोनिक ग्‍लास का इस्‍तेमाल करते हुए ऑप्टिकल आइसोलेटर का विकास

  • ऑप्टिकल आइसोलेटर के लिए सेमीकंडक्‍टर क्‍वांटम डॉट आधारित मैग्‍नेटो ऑप्टिकल फैराडे रोटेटर का विकास।

अल्‍ट्रावॉयलट लाइट एमिटिंग डायोड

  • ग्रोथ मॉलीक्‍यूलर एपीटैक्‍सी के लिए एक विश्‍वस्‍तरीय सुविधा स्‍थापित की गई है। बड़ी संख्‍या में विद्यार्थियों और अध्‍येयता प्राप्‍त शोधकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया और एलईडी के सक्रिय क्षेत्र में नई वृद्धि तकनीकों में पेटेंट प्रस्‍तुत करने हेतु अच्‍छी गुणवत्‍ता युक्‍त सतह तैयार की गई और प्रक्रिया जारी है।

फोटॉनिकी अनुसंधान अध्‍येयतावृत्ति

फोटॉनिकी के क्षेत्र में उन्‍नत अनुसंधान करने के लिए प्रशिक्षित कार्मिकों का एक संसाधन आधार तैयार करने और अग्रणी अनुसंधान प्रयोगशालाओं को समर्पित शोध कार्मिक उपलब्‍ध कराना

पूरी की गई प्रमुख परियोजनाएं

विद्युत इलेक्‍ट्रॉनिकी के लिए ग्रेफेन सुपर कैपेसिटर का विकास।

  • सुपर कैपेसिटर के लिए ग्रेफेन आधारित इलेक्‍ट्रोड का विकास। सुपर कैपेसिटर का फैब्रीकेशन। लो ईएसआर, उच्‍च ऊर्जा घनत्‍व और विद्युत घनत्‍व वाले सुपर कैपेसिटर प्राप्‍त करने के लिए प्रक्रिया स्थितियों का अनुकूलन। सुपर कैपेसिटर का परीक्षण और मूल्‍यांकन।

पीजो इलेक्ट्रिक मल्‍टीलेयर एक्‍चुएटर।

  • माइक्रोबॉल अनुप्रयोग के लिए पीजो इलेक्ट्रिक मल्‍टी–लेयर (एमएल) एक्‍चुएटर का डिजाइन और विकास। इस परियोजना के अंतर्गत सी-मैट थ्रिसूर में एमईएमएस आधारित माइक्रोबाल्‍ब के लिए पीजो इलेक्ट्रिक मल्‍टी लेयर एक्‍चुएटर का डिजाइन और विकास किया गया।  एलईओएस, इसरो, बैंगलोर के निर्धारित विनिर्देशों और योजना अर्हताओं के साथ मल्‍टी लेयर (एमएल) रिंग टाइप एक्‍चुएटर (2mm) फैब्रीकेट किए गए। अल्‍ट्रासोनिक मिलिंग का इस्‍तेमाल करते हुए मूल्‍यांकन और एलईओएस की स्‍थल अर्हता के लिए 8 मिली‍मीटर बांडेड एमएल रिंग एक्‍चुएटर का फैब्रीकेशन।

GHz फ्रिक्‍वेंसी फिल्‍टर और एटेनुएटर

  • एस.एन.बीएनसीबीएस, कोलकाता में नैनो स्‍केल मैगनोनिक क्रिस्‍टल की उभरती हुई सामग्री का इस्‍तेमाल करते हुए सी-मैट, हैदराबाद में खतरनाक पदार्थों के इस्‍तेमाल पर प्रतिबंध (आरओएचएस) के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) के दिशानिर्देशों के अनुसार खतरनाक पदार्थों के लिए उच्‍च आवृति(GHz) फिल्‍टर अटैनुएटर •  और परीक्षण सुविधाओं की स्‍थापना । Ni80Fe20 एंटीडोट में CoFe फीलिंग के साथ Co(0.75nm)/Pd(0.9nm) बाई कंपोनेंट मैगनेटिक एंटीडोट्स का इसतेमाल करते हुए मैगनेटिक मल्‍टी-लेयर पर एंटीडोट लेटाइसेस और  को प्‍लानर वेबगाईड के साथ एकीकृत पर्मएलॉय नैनो डॉट एर्रें फैब्रीकेट किए गए।

शीशा रहित एक्‍स-रे अवशोषक सामग्री

  • सी-मैट, पुणे में शीशा रहित एक्‍स रे अवशोषक सामग्री से आदिरूप एप्रन, ग्‍लास शीट और कर्टेन का विकास।

डब्‍ल्‍यूईईई से प्‍लास्टिक की नोबल रिकवरी और कंजर्वेशन

  • उन्‍नत निष्‍पादन विशेषताओं के साथ र्इ-अपशिष्‍ट से रि-साइकिल किए गए प्‍लास्टिक प्राप्‍त करने की पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल प्रक्रिया का विकास। लैमिनेट और पीसीवी, आईसी पैकेजिंग के रूप में प्रयुक्‍त ईपोक्‍सी, फिनोलिक आदि जैसी थर्मो सेट प्‍लास्टिक सामग्री का प्रभावी सदुपयोग।

ब्रॉडबैंड ईएमआई शील्डिंग सामग्री

  • तेजपुर विश्‍वविद्यालय, असम में उन्‍नत शील्डिंग प्रभावशीलता (एसई) के साथ ईएमआई शील्डिंग सामग्री का विकास जो व्‍यापक रेंज की सूक्ष्‍म तरंग आवृति प्रदान करती है।

खतरनाक पदार्थों के लिए परीक्षण सुविधाएं

  • सी-मैट, हैदराबाद में खतरनाक पदार्थों के इस्‍तेमाल पर प्रतिबंध(आरओएचएस) से संबंधित यूरोपीय संघ (ईयू) के दिशानिर्देशों के अनुसार खतरनाक पदार्थों के लिए परीक्षण सुविधाओं की स्‍थापना

विशेष कोटिंग सामग्री का विकास

  • सी-मैट, पुणे में विभिन्‍न अनुप्रयोगों के लिए शीशा रहित अवशोषक कोटिंग सामग्री का विकास।

इलेक्‍ट्रॉनिक अपशिष्‍ट की रि-साइक्लिंग के लिए प्रौद्योगिकी

  • एनएमएल, जमशेदपुर में इलेक्‍ट्रॉनिक अपशिष्‍ट को रि-साइकिल करने और पुन: इस्‍तेमाल के लिए संसाधन प्रौद्योगिकी का विकास।

पीजो-सेरेमिक संरचना और संघटक

  • सी-मैट, थ्रिसूर ने पीजो-सेरेमिक संरचना विकसित की है, जिसे उन्‍नत विद्युत चुंबकीय गुणधर्मों और विभिन्‍न मानक संरचनाओं के लिए इंजीनियर किया जाता है।

नैनो एनटीसी सामग्री का संश्‍लेषण 

  • सी-मैट, थ्रिसूर में नैनो एनटीसी सामग्री का संश्‍लेषण और चिप-इन ग्‍लास फास्‍ट रिस्‍पांस थर्मल सेंसर का विकास।

आरओएचएस परीक्षण और प्रमाणन केंद्र

  • इलेक्‍ट्रॉनिक उत्‍पादों में मौजूद खतरनाक पदार्थों के परीक्षण के लिए एनएबीएल द्वारा अधिप्रमाणित एक आधुनिक विश्‍लेषण सुविधा स्‍थापित की गई है। यह उत्‍पादों में आरओएचएस (खतरनाक पदार्थों के इस्‍तेमाल प्रतिबंध) के विश्‍लेषण द्वारा यूरोपीय संघ को इलेक्‍ट्रॉनिक निर्यात, मानक विश्‍लेषण प्रक्रियाओं द्वारा पदार्थों की सभी अपेक्षित सीमाओं को ध्‍यान में रखते हुए नमूनों की बारीकी से जांच के पश्‍चात आरओएचएस अनुपालन प्रमाण पत्र जारी करने में सहायक होगी।

जैव-फोटोनिकी

  • टीआईएफआर, मुंबर्इ में मल्‍टीपल फ्लूरोसेंस कोरिलेशन स्‍पेक्‍ट्रोमीटर-एफसीएस (एक एकल मॉलीक्‍यूल बायोफोटॉनिक टूल) का निर्माण और बहु स्‍थलीय स्‍थापना ।
  • आईआईएससी, बैंगलोर में डीएनए का पता लगाने के लिए डिफरेंशिअल रेफलेक्‍टेंस मॉडुलेशन सेंसिंग

फाइबर लेजर्स

  • सीजीसीआरआई, कोलकाता में नैनो पार्टिकल डिपोजीशन के जरिए हाई पावर फाइबर लेजर हेतु रेअर अर्थ डोप्‍ड फाइबर का फैब्रिकेशन।
  • आईआईटी, बांबे में फाइबर ऑप्टिक अनुप्रयोगों के लिए ट्यूनेबल और मल्‍टी-वेबलेंथ फाइबर लेंजर का विकास।

हरित फोटॉनिकी

  • ब्‍लू, ओएलईडी, एनआईटीके, सुरथकल का फैब्रीकेशन और कैरेक्‍टराइजेशन।
  • व्‍हाइट ओएलईडीएस आईआईटी (डी), दिल्‍ली के लिए एनोवेटिव लाइट एक्‍सट्रैकशन टेक्‍नोलॉजी ।
  • व्‍हाइट ओएलईडीएस आईआईटी (आर), रूड़की के लिए एनोवेटिव लाइट एक्‍सट्रैकशन टेक्‍नोलॉजी ।

ऑप्टिकल एम्‍प्‍लीफायर

  • मिड स्‍टेज एक्‍सेस ईडीएफए, आईआईटी(डी), ऑप्टिवेव फोटोनिक्‍स, हैदराबाद का डिजाइन और विकास।

ऑप्टिकल फाइबर

  • आईआईटी (एम) में ऑप्टिकल फाइबर में अप्रत्‍यास्‍थ प्रक्रियाओं का इस्‍तेमाल करते हुए वितरित स्‍ट्रेन और तापक्रम सेंसिंग।

नई पहल

  • ऊर्जा केंद्रित सामग्री अधिदेश के साथ सी-मैट का चौथा केंद्र
  • ‘Stents’ बनाने और चिकित्‍सा कलपुर्जों की मार्किंग के लिए पैकेज युक्‍त फाइबर लेजर मॉड्यूल।
  • पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल पद्धतियों द्वारा ई-अपशिष्‍ट का संसाधन और पीसीबी आदि से कीमती सामग्री की स्‍वदेशी स्‍तर पर रिकवरी।
  • इलेक्‍ट्रॉनिकी अनुप्रयोगों के लिए एयरोजेल सुपर कैपेसिटर का प्रायोगिक पैमाने पर उत्‍पादन। 
  • ब्रेस्‍ट कैंसर का शीघ्र पता लगाने और स्क्रिनिंग के लिए‍ थर्मल सेंसर आधारित निगरानी प्रणाली का विकास।
  • नैनो फंक्‍शनल सामग्री का इस्‍तेमाल करते हुए फ्यूल शेल के आदिरूप का विकास।
  • ग्रेफेन आधारित सुपरकैपेसिटर अनुप्रयोग।