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केन्द्रीय मंत्री

Shri Ravi Shankar Prasad

श्री रविशंकर प्रसाद           

व्यक्ति‍गत विवरण
पिता का नाम स्व. श्री ठाकुर प्रसाद
जन्म तिथि 30 अगस्त, 1954
वर्तमान पता

21, मदर टेरेसा क्रीसेन्ट, नई दिल्ली - 110001
दूरभाष – 23012295, 23793228

ई-मेल आईडी ravis[at]sansad[dot]nic[dot]in
शैक्षिक योग्यताएं पटना विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण की और बी.ए. आनर्स, एम.ए. (राजनीति विज्ञान), विधि स्नातक की डिग्री प्राप्त की ।

परिचय

  • श्री रविशंकर प्रसाद का जन्म दिनांक 30 अगस्त, सन 1954 को पटना, बिहार में हुआ था । उनके पिता स्व. श्री ठाकुर प्रसाद बिहार के प्रतिष्ठित वकील थे। वे एक महान राजनीतिक कार्यकर्ता और संगठनकर्ता तथा बिहार में जनसंघ के संस्थापक थे और 10 वर्षों तक इसके अध्यक्ष रहे । उन्होंने बिहार राज्य मंत्रिमण्डल में उद्योग मंत्रालय का पदभार संभाला था ।
  • एक लब्धप्रतिष्ठ पिता की संतान श्री रविशंकर प्रसाद ने अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए पटना विश्वविद्यालय से एल.एल.बी. की उपाधि प्राप्त की । अपनी मैट्रिक, स्नातक (राजनीति विज्ञान में ऑनर्स) और स्नातकोत्तर कक्षाओं की पूरी शिक्षा के दौरान श्री प्रसाद एक मेधावी विद्यार्थी रहे हैं ।
  • अपने पूरे जीवन के दौरान श्री प्रसाद एक धर्मयोद्धा रहे हैं। सत्तर के दशक में बिहार के सुविख्यात जे.पी. आंदोलन में अग्रणी छात्र नेताओं में से एक थे और बिहार में आपातकाल के संगठित विरोध के लिए काफी समय तक जेल में भी रहे ।
  • कई वर्षों तक वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े रहे और उक्त संगठन में विभिन्न पदों पर आसीन रहे ।
  • कालेज/विश्वविद्यालय के दिनों में श्री प्रसाद हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं की चर्चा में पूरे उत्साह से भाग लेते थे और इन्होंने राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में नियमित रूप से श्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया।
  • कालेज के दिनों में पटना विश्वविद्यालय छात्र-संघ के सहायक महासचिव रहे, सीनेट, वित्त समिति, कला और विधि संकाय के सदस्य भी रहे ।
  • श्री प्रसाद ने मानवाधिकार और नागरिक स्वतंत्रता कार्यकर्ता के रुप में कार्य किया और लोक नागरिक स्वतंत्रता संघ (पीयूसीएल), बिहार के महासचिव भी रहे ।
  • एक अधिवक्ता के रूप में श्री प्रसाद ‘भ्रष्टाचार का समूल नाश करने’ और ‘नागरिक स्वतंत्रता’ के हिमायती रहे हैं । श्री प्रसाद फरवरी, 1980 से पटना उच्च न्यायालय में पेशेवर वकील हैं । श्री प्रसाद पूर्व में पटना उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के सचिव रह चुके हैं । वे बिहार बैंकिंग सेवा भर्ती बोर्ड के वरिष्ठ अधिवक्ता थे । वे बिहार के चर्चित चारा घोटाले में हजारों करोड़ रूपए के सरकारी धन की लूट में सीबीआई जांच के लिए दायर जनहित याचिका में बहस करने वाले प्रमुख वकील थे । इसके परिणामस्वरुप बहुत से राजनीतिज्ञ और अधिकारी जेल गए । युवावस्था में ही श्री प्रसाद को पटना उच्च न्यायालय के पूर्ण न्यायालय द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता के रुप में नियुक्त किया गया । इन्होंने संविधान, सार्वजनिक विधि, कारपोरेट और अपराध विधि सहित विधि की विभिन्न शाखाओं में एक सुविख्यात वकील के रूप में अपना नाम दर्ज कराया। पटना उच्च न्यायालय में विभिन्न कार्यवाहियों में पूर्व उप–प्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी के वकील थे, और इन्होंने विधि तथा चिकित्सा तथा पेटेन्ट विधि के संबंध में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया । इन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सुप्रसिद्ध रामजन्‍म भूमि विवाद में सफलतापूर्वक पैरवी की जिसमें हिन्दुओं तथा उनके आराध्य के पक्ष में फैसला हुआ ।
  • संसद सदस्य होने के अलावा श्री प्रसाद उच्चतम न्यायालय में विधि की विभिन्न शाखाओं में वरिष्ठ अधिवक्ता के रुप में भी कार्य कर रहे हैं ।
  • पिछले कुछ वर्षों में श्री प्रसाद ने भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा और मुख्य पार्टी संगठन में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी संभाली है । वर्ष 2000 में संसद सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए तथा पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल विहारी वाजपेयी सरकार के अंतर्गत राज्य मंत्री (कोयला और खान) का पदभार सँभाला । कोयला और खान मंत्रालय में राज्य मंत्री का कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत श्री प्रसाद ने खान और कोयला क्षेत्र में सुधार प्रक्रिया को गति प्रदान की । इनके कार्यकाल के दौरान भारत एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड के निजीकरण को उच्चतम न्यायालय द्वारा समर्थन दिया गया और हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड का सफलतापूर्वक निजीकरण किया गया । उन्होंने कोयला क्षेत्र में व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाए जाने की शुरुआत की । कोयला उत्पादन और विपणन क्षेत्र की शीर्ष सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने वर्ष 1999-2000 में 1441 करोड़ रुपए की हानि वहन की । दिनांक 31 मार्च, 2002 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में इनके कार्यभार संभालने के उपरांत सीआईएल ने 1758 करोड़ रुपए का रिकार्ड लाभ हासिल किया । यहां तक कि लंबे समय से हानि उठाने वाली कोयला कंपनियों ने भी लगभग 100 करोड़ रुपए का लाभ अर्जित करना शुरू कर दिया ।
  • श्री प्रसाद को दिनांक 01.07.2002 को विधि एवं न्याय मंत्रालय में राज्य मंत्री का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया और राजनीति के अपराधीकरण को रोकने के लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का संशोधन करने हेतु अपना कार्यभार ग्रहण करने के एक पखवाड़े के भीतर ही उन्होंने एक विधेयक तैयार किया। उन्होंने फास्ट ट्रैक न्यायालयों की प्रक्रिया को गति प्रदान की । सूचना और प्रसारण मंत्री के रुप में उन्होंने भारत को मनोरंजन हब बनाने के लिए दूरगामी सुधारों की शुरूआत की । इन सुधारों में उद्यम पूंजी निवेश और भारतीय फिल्मों का बेहतर विपणन, रेडियो, टेलीविजन और एनीमेशन क्षेत्र में सुधार और गोवा को भारतीय फिल्म महोत्सव के केन्द्र रूप में स्थापित करना शामिल था। उन्होंने एफएम रेडियो क्रांति की आधारशिला रखी ।
  • सामयिक हित के मामलों पर प्राय: उनकी राय मांगी जाती रही है और वे बहुधा बीबीसी, स्टार न्यूज, दूरदर्शन, एनडीटीवी, जी-न्यूज, आज तक, सीएनबीसी, टाइम्स नाउ और अन्य चैनलों सहित टेलीविजन के अन्तर्राष्ट्रीय और भारतीय चैनलों पर चर्चा में भाग लेते रहे हैं ।
  • विदेशी मामलों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्य सौंपे जाने के कारण इन्होंने अनेक देशों की यात्राएं की हैं । अप्रैल, 2002 में डरबन (दक्षिण अफ्रीका) में गुट-निरपेक्ष मंत्रियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारतीय प्रतिनिधि मंडल के नेता के रूप में भेजे गए । तदुपरांत उनको गुट निरपेक्ष आंदोलन के मंत्री स्तरीय प्रतिनिधि मंडल के सदस्य के रूप में फिलीस्तीनी नेता स्व. यासिर अराफात के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए रामल्ला भेजा गया। श्री प्रसाद को सेंट विसेंट (वेस्टइंडीज) में आयोजित राष्ट्रमंडल विधि मंत्री सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधि मंडल के नेता के रूप में भेजा गया था । इन्होंने कान, वेनिस और लंदन फिल्म महोत्स्व के लिए भेजे गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
  • अनेक विदेशी यात्राएं कर चुके श्री प्रसाद को अक्तूबर, 2006 में न्यूयार्क में आयोजित 61वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ भेजा गया ।
  • श्री प्रसाद ने रोटरी इण्‍टरनेशनल के सामूहिक अध्ययन विचार-विनिमय कार्यक्रम में संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप की अनेक यात्राएं की हैं ।
  • वे 2006 में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने और अप्रैल, 2006 में बिहार से संसद (राज्यसभा) के दूसरे कार्यकाल और अप्रैल, 2012 में तीसरे कार्यकाल के लिए पुन: निर्वाचित हुए। वे भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी, जो पिछले 19 वर्षों से भाजपा का सर्वोच्च नीति-निर्धारक निकाय है, के सदस्य भी हैं । वे विभिन्न संसदीय समितियों के सदस्य भी हैं । उन्हें वर्ष 2010 से फरवरी, 2013 के बीच पार्टी का अखिल भारतीय महासचिव तथा मुख्य प्रवक्ता और इसके मीडिया प्रकोष्ठ का प्रभारी बनाया गया ।
  • वे वित्त‍ संबंधी संसदीय स्थायी समिति और रक्षा परामर्शदात्री समिति के सदस्य थे । वे राज्यसभा की आचार समिति और लाभ के पद से संबंधित समिति के सदस्य भी थे ।
  • वे जाने माने सांसद हैं ।
  • उन्हें 22 जुलाई, 2012 से 25 मई 2014 तक के लिए राज्यसभा में प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के संसदीय दल का उप नेता नामित किया गया था ।

सार्वजनिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि

  • वर्ष 1991-95 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा (बी.जे.वाई.एम.) भारतीय जनता पार्टी का युवा स्कंध, 2 कार्यकालों के लिए।
  • वर्ष 1995 से सदस्य‍, राष्ट्रीय कार्यकारी समिति, भारतीय जनता पार्टी ।
  • अप्रैल, 2000 राज्य सभा के लिए निर्वाचित ।
  • मई 2000-2001 सदस्य, पैट्रोलियम एवं रसायन संबंधी स्थायी समिति; सदस्य, वित्त मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति
  • जून 2001-2002 राष्ट्रीय संयोजक, विधायी प्रकोष्ठ, भारतीय जनता पार्टी
  • 1 सितम्बर, 2001-29 जनवरी 2003 राज्य मंत्री, कोयला एवं खान मंत्रालय
  • 1 जुलाई 2002-29 जनवरी 2003 राज्य मंत्री, विधि एवं न्याय मंत्रालय (अतिरिक्त प्रभार)
  • 29 जनवरी 2003 - मई, 2004 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
  • मई, 2000 - अगस्त, 2001 और जुलाई 2004 - अगस्त 2006, सदस्य, नियम समिति
  • अगस्त, 2004 - 2006 सदस्य, मानव संसाधन विकास संबंधी स्थायी समिति
  • सितम्बर 2004 - अप्रैल, 2006 सदस्य, संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना संबंधी समिति (राज्यसभा)
  • अक्तूबर 2004 - 2006 सदस्य, वित्त मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति
  • नवम्बर 2004 - मई 2009 सदस्य, मानव संसाधन विकास संबंधी समिति की विश्वविद्यालय एवं उच्चतर शिक्षा उप-समिति
  • मार्च, 2005 से राष्ट्री्य प्रवक्ता , भारतीय जनता पार्टी
  • अप्रैल, 2006 से राज्य‍ सभा के लिए पुन: निर्वाचित (दूसरा कार्यकाल)
  • अगस्त 2006 - मई 2009 और अगस्त, 2009 - अगस्त, 2011, सदस्य, सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति
  • सितम्बर, 2006 से सदस्य, विशेषाधिकार समिति
  • सितम्बर 2006 - मई 2009, सदस्य, विदेश मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति
  • अगस्त 2009-2012 सदस्य, वित्त मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति
  • अक्तूबर 2009 - अप्रैल 2012 सदस्य, एग्जीक्यूटिव काउंसिल ऑफ दि इंस्टीट्यूट ऑफ कॉन्‍स्‍टीटयूशनल एंड पार्लियामेंटरी स्टडीज़
  • दिसम्बर, 2009 - नवम्बर, 2011 सदस्य , ग्रंथालय समिति
  • अप्रैल 2010-मार्च 2013 अखिल भारतीय महासचिव एवं मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता, भारतीय जनता पार्टी
  • पार्टी की केन्द्रीय अनुशासन समिति के सदस्य रहे
  • अगस्त 2010-अप्रैल, 2012 सदस्य, दिल्ली विश्वविद्यालय न्‍यायालय
  • मार्च 2011 से सदस्य, दूरसंचार लाइसेंसों और स्‍पैक्‍ट्रम के आबंटन एवं कीमत-निर्धारण से संबंधित मामलों की जांच करने के लिए संयुक्त संसदीय समिति ।
  • अप्रैल, 2012 – राज्‍य सभा में पुन: निर्वाचित (तीसरा कार्यकाल)
  • 22 जुलाई, 2012 – 25 मई, 2014 उप नेता, भाजपा संसदीय दल, राज्य सभा
  • मई, 2012 – नवम्बर, 2012 सदस्य, वित्त संबंधी परामर्शदात्री समिति
  • मई 2012 – मई, 2014 सदस्य , वित्त संबंधी स्थायी समिति
  • अगस्त, 2012 मई, 2014 सदस्य, व्यापार सलाहकार समिति
  • अगस्त, 2012 – मई, 2014 सदस्य, लाभ के पद से संबधित संयुक्त समिति
  • दिसम्बर, 2012 – मई, 2014 सदस्य, आचार समिति
  • दिसम्बर, 2012 – मई 2014 सदस्य, रक्षा संबंधी मामलों पर परामर्शदात्री संबंधी
  • मई, 2013 - मई, 2014 सदस्य, विशेषाधिकार समिति
  • 26 मई, 2014 से विधि एवं न्यायमंत्री तथा दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री
  • 5 जुलाई, 2016 से विधि एवं न्यायमंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री